भैंस की 26 दिसंबर को मौत हो गई, जिससे गांव में संक्रमण के खतरे को लेकर दहशत फैल गई। इसके बाद ग्रामीण उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और टीका लगवाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने रविवार को बताया कि अधिकारियों को सूचना मिली थी कि भैंस को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था और मरने से पहले उसमें रेबीज के लक्षण दिखाई दिए थे
जिस भैंस को कुत्ते ने काटा, उसके दूध से बना रायता अंत्येष्टि में परोसा! रेबीज वैक्सीन के लिए 200 लोगों में मची अफरा-तफरी