विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “यह संयुक्त राष्ट्र में आम तौर पर होने वाली बातचीत की तरह तैयार किया गया दस्तावेज नहीं था। इस मुद्दे पर भारत का रुख पहले ही भारत-अरब लीग ज्वाइंट स्टेटमेंट में स्पष्ट किया जा चुका है
ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में क्या है भारत का रुख? विदेश मंत्रालय ने दी बड़ी जानकारी



