सरकार ने RBI और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों से 2.56 लाख करोड़ रुपये के डिविडेंड की उम्मीद की थी। लेकिन इससे भी तगड़ा डिविडेंड तो अकेले RBI ने ही दे दिया। 30 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई में सरकार का पूंजीगत खर्च पिछले वर्ष की तुलना में 39 प्रतिशत अधिक रहा
मई में कैपेक्स बढ़ा, फिर भी फिस्कल सरप्लस में भारत; RBI के ‘महाडिविडेंड’ ने सरकारी खजाना किया हरा