जानकारी के अनुसार, मृतक एक छोटा से बिजनेस चलाता था और एक चिकन शॉप पर भी काम करता था। एक दुर्घटना के कारण वह पैरालाइज्ड हो गया था और बिस्तर पर पड़ा था। इस वजह से वह काम करने में असमर्थ था और कर्ज भी नहीं चुका पा रहा था
3.8 लाख के कर्ज पर हर महीने 38,000 रुपए का ब्याज! साहूकारों के दबाव में शख्स ने की आत्महत्या