सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर आरोपी अपनी ताकत और पद का इस्तेमाल कर अपराध करता है, तो उसे गंभीर यानी एग्रेवेटेड असॉल्ट माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आरोपी उस इलाके का प्रभावशाली विधायक था और इसी आधार पर कोर्ट से हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की
‘उसे मौत की सजा दी जाए…’, कुलदीप सेंगर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पीड़िता की मां ने कही ये बात