गुजरात स्पेस मिशन नीति से बड़ा आर्थिक और तकनीकी लाभ मिलेगा। गुजरात के एकवाटर से निकटता से अंतरिक्ष लॉन्चिंग में क्रांतिकारी बढ़त मिलेगी। इसरो का 70 फीसदी कार्यक्रम अब कम्युनिकेशन, नेविगेशन और रिमोट सेंसिंग पर केंद्रित है। 2026 तक चंद्रयान 5, मेन-ऑन-मेन गगनयान और वीनस ऑर्बिट मिशन पूरे होंगे
ISRO : श्रीहरिकोटा के बाद ISRO गुजरात में बनाएगा देश का दूसरा सबसे बड़ा स्पेस सेंटर